Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.243.13: पाण्डवों! वरदान, राज्य देना, पुत्र उत्पन्न करना और शत्रु के संकट से बचाना - इन चार बातों में से प्रथम तीन और अन्तिम तीन एक ही हैं ॥13॥ | mahabharat अध्याय 3.243: युधिष्ठिरका भीमसेनको गन्धर्वोंके हाथसे कौरवोंको छुड़ानेका आदेश और इसके लिये अर्जुनकी प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वरप्रदानं राज्यं च पुत्रजन्म च पाण्डवा:।
शत्रोश्च मोक्षणं क्लेशात् त्रीणि चैकं च तत्समम्॥ १३॥
अनुवाद
पाण्डवों! वरदान, राज्य देना, पुत्र उत्पन्न करना और शत्रु के संकट से बचाना - इन चार बातों में से प्रथम तीन और अन्तिम तीन एक ही हैं ॥13॥
Pandavas! Boon, granting of kingdom, giving birth to a son and saving from the trouble of enemy - out of these four things, the first three and the last three are the same. 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥