vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 242: गन्धर्वोंद्वारा दुर्योधन आदिकी पराजय और उनका अपहरण
»
श्लोक 6
श्लोक
3.242.6
दुर्योधनं चित्रसेनो विरथं पतितं भुवि।
अभिद्रुत्य महाबाहुर्जीवग्राहमथाग्रहीत्॥ ६॥
अनुवाद
उस समय दुर्योधन बिना रथ के भूमि पर गिर पड़ा। यह देखकर महाबाहु चित्रसेन दौड़कर उसके पास पहुँचा और उसे जीवित ही पकड़ लिया।
At that time Duryodhana fell to the ground without his chariot. Seeing this the mighty-armed Chitrasena rushed to him and captured him alive.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×