श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 242: गन्धर्वोंद्वारा दुर्योधन आदिकी पराजय और उनका अपहरण  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.242.1 
वैशम्पायन उवाच
गन्धर्वैस्तु महाराज भग्ने कर्णे महारथे।
सम्प्राद्रवच्चमू: सर्वा धार्तराष्ट्रस्य पश्यत:॥ १॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन जी कहते हैं: हे राजन! जब गन्धर्वों ने महाबली कर्ण को भगा दिया, तब दुर्योधन के देखते-देखते उसकी सारी सेना भी भाग गई।
 
Vaishmpayana says: O King! When the Gandharvas chased away the mighty warrior Karna, then in front of Duryodhan's eyes his entire army also fled.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)