Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.241.6-8h: राजन! उस समय अन्य गन्धर्वों ने शान्तिपूर्ण वचन बोलकर कौरव सैनिकों को रोकने का प्रयत्न किया। रोके जाने पर भी वे सभी सैनिक गन्धर्वों की बात अनसुनी करके उस महान वन में प्रवेश कर गए। जब वचनों द्वारा रोके जाने पर भी राजा दुर्योधन सहित सभी कौरव नहीं रुके, तब आकाश में विचरण करने वाले उन सभी गन्धर्वों ने राजा चित्रसेन को यह सब समाचार सुनाया। | mahabharat अध्याय 3.241: कौरवोंका गन्धर्वोंके साथ युद्ध और कर्णकी पराजय । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! उस समय अन्य गन्धर्वों ने शान्तिपूर्ण वचन बोलकर कौरव सैनिकों को रोकने का प्रयत्न किया। रोके जाने पर भी वे सभी सैनिक गन्धर्वों की बात अनसुनी करके उस महान वन में प्रवेश कर गए। जब वचनों द्वारा रोके जाने पर भी राजा दुर्योधन सहित सभी कौरव नहीं रुके, तब आकाश में विचरण करने वाले उन सभी गन्धर्वों ने राजा चित्रसेन को यह सब समाचार सुनाया।
King! At that time, other Gandharvas tried to stop the Kaurava soldiers by speaking peaceful words. Despite being stopped, all those soldiers ignored the Gandharvas and entered that great forest. When all the Kauravas including King Duryodhana did not stop despite being stopped by words, then all those Gandharvas roaming in the sky told all this news to King Chitrasen. 6-7 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥