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mahabharat 3.241.30: किसी ने उसके रथ का जूआ काट डाला, किसी ने ध्वजा काटकर गिरा दी। किसी ने ईशदंड के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। किसी गंधर्व ने कर्ण के घोड़ों को यमलोक पहुँचा दिया और किसी ने सारथि को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 3.241: कौरवोंका गन्धर्वोंके साथ युद्ध और कर्णकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 241: कौरवोंका गन्धर्वोंके साथ युद्ध और कर्णकी पराजय  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  3.241.30 
अन्येऽस्य युगमच्छिन्दन् ध्वजमन्ये न्यपातयन्।
ईषामन्ये हयानन्ये सूतमन्ये न्यपातयन्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
किसी ने उसके रथ का जूआ काट डाला, किसी ने ध्वजा काटकर गिरा दी। किसी ने ईशदंड के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। किसी गंधर्व ने कर्ण के घोड़ों को यमलोक पहुँचा दिया और किसी ने सारथि को मार डाला।
 
Some cut the yoke of his chariot, others cut the flag and dropped it. Some people broke the Ishadandha into pieces. Some Gandharvas sent Karna's horses to Yamaloka and others killed the charioteer.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)