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mahabharat 3.241.20-22h: तत्पश्चात समस्त गंधर्व संगठित होकर कौरवों से भिड़ गए। उस समय उन दोनों में भयंकर युद्ध होने लगा, जो रोंगटे खड़े कर देने वाला था। तत्पश्चात कौरवों के बाणों से घायल होकर गंधर्व दुर्बल होने लगे और उन्हें पीड़ा में देखकर कौरव योद्धा जोर-जोर से गर्जना करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 3.241: कौरवोंका गन्धर्वोंके साथ युद्ध और कर्णकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 241: कौरवोंका गन्धर्वोंके साथ युद्ध और कर्णकी पराजय  »  श्लोक 20-22h
 
 
श्लोक  3.241.20-22h 
तत: संन्यपतन् सर्वे गन्धर्वा: कौरवै: सह॥ २०॥
तदा सुतुमुलं युद्धमभवल्लोमहर्षणम्।
ततस्ते मृदवोऽभूवन् गन्धर्वा: शरपीडिता:॥ २१॥
उच्चुक्रुशुश्च कौरव्या गन्धर्वान् प्रेक्ष्य पीडितान्।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात समस्त गंधर्व संगठित होकर कौरवों से भिड़ गए। उस समय उन दोनों में भयंकर युद्ध होने लगा, जो रोंगटे खड़े कर देने वाला था। तत्पश्चात कौरवों के बाणों से घायल होकर गंधर्व दुर्बल होने लगे और उन्हें पीड़ा में देखकर कौरव योद्धा जोर-जोर से गर्जना करने लगे।
 
Thereafter all the Gandharvas got organized and clashed with the Kauravas. At that time a fierce battle started between them, which was hair-raising. Thereafter the Gandharvas started getting weak after being hit by the arrows of the Kauravas and seeing them in pain the Kaurava warriors started roaring loudly. 20-21 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)