Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.241.17-18: तत्पश्चात् राजा दुर्योधन, सुबलपुत्र शकुनि, दु:शासन, विकर्ण तथा अन्य जो वहाँ आये थे, धृतराष्ट्रपुत्र, वे सब-के-सब गरुड़ के समान भयंकर शब्द करते हुए रथों पर आरूढ़ होकर गन्धर्वों की उस सेना का संहार करने लगे। | mahabharat अध्याय 3.241: कौरवोंका गन्धर्वोंके साथ युद्ध और कर्णकी पराजय । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अथ दुर्योधनो राजा शकुनिश्चापि सौबल:॥ १७॥
दु:शासनो विकर्णश्च ये चान्ये धृतराष्ट्रजा:।
न्यहनंस्तत् तदा सैन्यं रथैर्गरुडनि:स्वनै:॥ १८॥
अनुवाद
तत्पश्चात् राजा दुर्योधन, सुबलपुत्र शकुनि, दु:शासन, विकर्ण तथा अन्य जो वहाँ आये थे, धृतराष्ट्रपुत्र, वे सब-के-सब गरुड़ के समान भयंकर शब्द करते हुए रथों पर आरूढ़ होकर गन्धर्वों की उस सेना का संहार करने लगे।
Thereafter, King Duryodhana, Subala's son Shakuni, Dushasan, Vikarna and others who had come there, Dhritarashtra's son, all of them, mounted on chariots making terrible noises like Garuda, started killing that army of Gandharvas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥