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mahabharat 3.240.5: फिर उन्होंने बछड़ों की गिनती और चिह्नांकन करवाया और जो बछड़े पालतू बनाए जा सकते थे, उनकी गिनती की गई और फिर उनकी पहचान की गई। जिन गायों के बछड़े बहुत छोटे थे, उनकी भी अलग से गिनती की गई।   |   mahabharat अध्याय 3.240: दुर्योधनका सेनासहित वनमें जाकर गौओंकी देखभाल करना और उसके सैनिकों एवं गन्धर्वोंमें परस्पर कटु संवाद   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 240: दुर्योधनका सेनासहित वनमें जाकर गौओंकी देखभाल करना और उसके सैनिकों एवं गन्धर्वोंमें परस्पर कटु संवाद  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.240.5 
अङ्कयामास वत्सांश्च जज्ञे चोपसृतांस्त्वपि।
बालवत्साश्च या गाव: कालयामास ता अपि॥ ५॥
 
 
अनुवाद
फिर उन्होंने बछड़ों की गिनती और चिह्नांकन करवाया और जो बछड़े पालतू बनाए जा सकते थे, उनकी गिनती की गई और फिर उनकी पहचान की गई। जिन गायों के बछड़े बहुत छोटे थे, उनकी भी अलग से गिनती की गई।
 
Then he got the calves numbered and marked and those who were capable of being tamed were counted and then identified. The cows whose calves were very small were also counted separately. 5.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)