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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 240: दुर्योधनका सेनासहित वनमें जाकर गौओंकी देखभाल करना और उसके सैनिकों एवं गन्धर्वोंमें परस्पर कटु संवाद  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.240.22 
गणैरप्सरसां चैव त्रिदशानां तथाऽऽत्मजै:।
विहारशील: क्रीडार्थं तेन तत् संवृतं सर:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उन दिनों वह अप्सराओं और देव-अप्सराओं के पुत्रों के साथ अनेक स्थानों पर विचरण करता था। उसने स्वयं क्रीड़ा करने के लिए उस सरोवर को चारों ओर से घेर रखा था।
 
In those days he used to roam around in various places with the Apsaras and the sons of the celestial nymphs. He himself had surrounded that lake from all sides for playing.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)