vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 24: पाण्डवोंका द्वैतवनमें जाना
»
श्लोक 9
श्लोक
3.24.9
त्वमेव राजन् जानासि श्रेय:कारणमेव च।
यत्रेच्छसि महाराज निवासं तत्र कुर्महे॥ ९॥
अनुवाद
महाराज! मोक्ष का कारण तो आप ही जानते हैं। महाराज! आप जहाँ चाहें, हम वहीं निवास करेंगे।
King! You alone know the reason for salvation. Maharaj! We will reside wherever you wish.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×