श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 24: पाण्डवोंका द्वैतवनमें जाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.24.9 
त्वमेव राजन् जानासि श्रेय:कारणमेव च।
यत्रेच्छसि महाराज निवासं तत्र कुर्महे॥ ९॥
 
 
अनुवाद
महाराज! मोक्ष का कारण तो आप ही जानते हैं। महाराज! आप जहाँ चाहें, हम वहीं निवास करेंगे।
 
King! You alone know the reason for salvation. Maharaj! We will reside wherever you wish.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)