भीमश्च कृष्णा च धनंजयश्च
यमौ च ते चानुचरा नरेन्द्रम्।
विमुच्य वाहानवशाश्च सर्वे
तत्रोपतस्थुर्भरतप्रबर्हा:॥ २५॥
अनुवाद
तत्पश्चात् भीम, द्रौपदी, अर्जुन, नकुल, सहदेव और सेवकगण वाहन से उतरकर भरतश्रेष्ठ वीर राजा युधिष्ठिर के पास बैठ गए॥25॥
Thereafter, Bhima, Draupadi, Arjun, Nakul, Sahadev and the servants left the vehicle and got down. All of them sat near Bharat's best brave king Yudhishthir. 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)