Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.24.21: तत्पश्चात् पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ और महान तेजस्वी राजा युधिष्ठिर अपने सेवकों और भाइयों सहित रथ से उतरकर स्वर्ग में इन्द्र की भाँति वन में प्रवेश कर गए। | mahabharat अध्याय 3.24: पाण्डवोंका द्वैतवनमें जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: स यानादवरुह्य राजा
सभ्रातृक: सजन: काननं तत्।
विवेश धर्मात्मवतां वरिष्ठ-
स्त्रिविष्टपं शक्र इवामितौजा:॥ २१॥
अनुवाद
तत्पश्चात् पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ और महान तेजस्वी राजा युधिष्ठिर अपने सेवकों और भाइयों सहित रथ से उतरकर स्वर्ग में इन्द्र की भाँति वन में प्रवेश कर गए।
Thereafter King Yudhishthira, the best of the virtuous and of immense brilliance, alighted from his chariot along with his servants and brothers and entered the forest like Indra in heaven.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥