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श्लोक 3.239.29  |
गव्यूतिमात्रे न्यवसद् राजा दुर्योधनस्तदा।
प्रयातो वाहनै: सर्वैस्ततो द्वैतवनं सर:॥ २९॥ |
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| अनुवाद |
| राजा दुर्योधन ने नगर से दो मील दूर डेरा डाला और वहाँ से अपने सभी वाहनों के साथ द्वैतवन और सरोवर की ओर चल पड़ा। |
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| King Duryodhana camped two miles away from the city. Then from there he proceeded towards Dwaitavan and the lake along with all his vehicles. |
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इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि घोषयात्रापर्वणि दुर्योधनप्रस्थाने एकोनचत्वारिंशदधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २३९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत घोषयात्रापर्वमें दुर्योधनप्रस्थानविषयक
दो सौ उनतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २३९॥ |
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