Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.239.12: यदि तुम संख्या में अधिक होने के कारण किसी प्रकार उन पर आक्रमण करोगे, तो यह भी तुम्हारी बड़ी नीचता मानी जाएगी। मेरी राय में पाण्डवों को जीतना तुम्हारे लिए असम्भव है॥12॥ | mahabharat अध्याय 3.239: कर्ण आदिके द्वारा द्वैतवनमें जानेका प्रस्ताव, राजा धृतराष्ट्रकी अस्वीकृति, शकुनिका समझाना, धृतराष्ट्रका अनुमति देना तथा दुर्योधनका प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि तुम संख्या में अधिक होने के कारण किसी प्रकार उन पर आक्रमण करोगे, तो यह भी तुम्हारी बड़ी नीचता मानी जाएगी। मेरी राय में पाण्डवों को जीतना तुम्हारे लिए असम्भव है॥12॥
If you somehow attack them because they are outnumbered, then this too will be considered a great meanness on your part. In my opinion, it is impossible for you to win over the Pandavas.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥