Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.238.7: इन सब बातों पर विचार करने तथा पाण्डवों के लिए किये गये विलाप पर विचार करने के पश्चात् मैं इस निर्णय पर नहीं पहुंच पा रहा हूं कि मुझे द्वैतवन जाना चाहिए या नहीं। | mahabharat अध्याय 3.238: दुर्योधनके द्वारा कर्ण और शकुनिकी मन्त्रणा स्वीकार करना तथा कर्ण आदिका घोषयात्राको निमित्त बनाकर द्वैतवनमें जानेके लिये धृतराष्ट्रसे आज्ञा लेने जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन सब बातों पर विचार करने तथा पाण्डवों के लिए किये गये विलाप पर विचार करने के पश्चात् मैं इस निर्णय पर नहीं पहुंच पा रहा हूं कि मुझे द्वैतवन जाना चाहिए या नहीं।
Having considered all these matters and also the lamentations made for the Pandavas, I am unable to arrive at a decision as to whether I should go to Dwaitavana or not.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥