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mahabharat 3.237.7-8h: हे शत्रु योद्धाओं के संहारक राजन! इसी प्रकार सभी राजा अपने को आपके सेवक कहते हैं और आपकी आज्ञा के अधीन रहते हैं।   |   mahabharat अध्याय 3.237: शकुनि और कर्णका दुर्योधनकी प्रशंसा करते हुए उसे वनमें पाण्डवोंके पास चलनेके लिये उभाड़ना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 237: शकुनि और कर्णका दुर्योधनकी प्रशंसा करते हुए उसे वनमें पाण्डवोंके पास चलनेके लिये उभाड़ना  »  श्लोक 7-8h
 
 
श्लोक  3.237.7-8h 
तथैव तव राजेन्द्र राजान: परवीरहन्॥ ७॥
शासनेऽधिष्ठिता: सर्वे किं कुर्म इति वादिन:।
 
 
अनुवाद
हे शत्रु योद्धाओं के संहारक राजन! इसी प्रकार सभी राजा अपने को आपके सेवक कहते हैं और आपकी आज्ञा के अधीन रहते हैं।
 
O King, destroyer of enemy warriors! Similarly all the kings call themselves your servants and remain under your command. 7 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)