Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.237.10: हे राजन! आप अपने पुरुषार्थ से ब्राह्मणों द्वारा पूजित और राजाओं द्वारा पूजित हैं तथा स्वर्ग और देवताओं में अपनी किरणों से सूर्य के समान इस पृथ्वी पर प्रकाशित हो रहे हैं॥ 10॥   |   mahabharat अध्याय 3.237: शकुनि और कर्णका दुर्योधनकी प्रशंसा करते हुए उसे वनमें पाण्डवोंके पास चलनेके लिये उभाड़ना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 237: शकुनि और कर्णका दुर्योधनकी प्रशंसा करते हुए उसे वनमें पाण्डवोंके पास चलनेके लिये उभाड़ना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.237.10 
वन्द्यमानो द्विजै राजन् पूज्यमानश्च राजभि:।
पौरुषाद् दिवि देवेषु भ्राजसे रश्मिवानिव॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! आप अपने पुरुषार्थ से ब्राह्मणों द्वारा पूजित और राजाओं द्वारा पूजित हैं तथा स्वर्ग और देवताओं में अपनी किरणों से सूर्य के समान इस पृथ्वी पर प्रकाशित हो रहे हैं॥ 10॥
 
O King! By your efforts, you are respected by the Brahmins and worshipped by the kings and you are shining on this earth like the Sun with rays in the heaven and the gods.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)