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mahabharat 3.236.29: कौन ऐसा होगा जो सशरीर स्वर्ग जाने के बाद इस संसार में लौटना चाहेगा? अर्जुन के मृत्युलोक में लौटने का कारण और कुछ नहीं, बल्कि यह है कि ये अधिकांश कौरव काल के प्रभाव से मृत्यु के निकट पहुँच चुके हैं और अर्जुन उनकी स्थिति को भली-भाँति देख रहा है।   |   mahabharat अध्याय 3.236: पाण्डवोंका समाचार सुनकर धृतराष्ट्रका खेद और चिन्तापूर्ण उद्‍गार   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 236: पाण्डवोंका समाचार सुनकर धृतराष्ट्रका खेद और चिन्तापूर्ण उद्‍गार  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  3.236.29 
स्वर्गं हि गत्वा सशरीर एव
को मानुष: पुनरागन्तुमिच्छेत्।
अन्यत्र कालोपहताननेकान्
समीक्षमाणस्तु कुरून् मुमूर्षून्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
कौन ऐसा होगा जो सशरीर स्वर्ग जाने के बाद इस संसार में लौटना चाहेगा? अर्जुन के मृत्युलोक में लौटने का कारण और कुछ नहीं, बल्कि यह है कि ये अधिकांश कौरव काल के प्रभाव से मृत्यु के निकट पहुँच चुके हैं और अर्जुन उनकी स्थिति को भली-भाँति देख रहा है।
 
Who would want to return to this world after going to heaven with his body? The reason for Arjuna's return to the mortal world is not any other than the fact that these majority of Kauravas have come close to death under the influence of time and Arjuna is seeing their condition very well.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)