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mahabharat 3.236.20: जब गांडीवधारी अर्जुन और भीमसेन क्रोधित होंगे, तो वे यमराज और काल के समान हो जाएँगे। वे युद्धभूमि में बिजली के समान चमकते हुए बाणों की वर्षा करेंगे और शत्रु सेना में किसी को भी जीवित नहीं छोड़ेंगे।   |   mahabharat अध्याय 3.236: पाण्डवोंका समाचार सुनकर धृतराष्ट्रका खेद और चिन्तापूर्ण उद्‍गार   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 236: पाण्डवोंका समाचार सुनकर धृतराष्ट्रका खेद और चिन्तापूर्ण उद्‍गार  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  3.236.20 
गाण्डीवधन्वा च वृकोदरश्च
संरम्भिणावन्तककालकल्पौ।
न शेषयेतां युधि शत्रुसेनां
शरान् किरन्तावशनिप्रकाशान्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
जब गांडीवधारी अर्जुन और भीमसेन क्रोधित होंगे, तो वे यमराज और काल के समान हो जाएँगे। वे युद्धभूमि में बिजली के समान चमकते हुए बाणों की वर्षा करेंगे और शत्रु सेना में किसी को भी जीवित नहीं छोड़ेंगे।
 
When Gandivadhari Arjun and Bhimasena become angry, they will become like Yamraj and Kaal. They will shower arrows flashing like lightning on the battlefield and will not leave anyone alive in the enemy army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)