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mahabharat 3.233.6: प्रियदर्शन! क्या कारण है कि पाण्डव सदैव आपके अधीन रहते हैं और सब आपकी ओर ही देखते रहते हैं? इसका वास्तविक रहस्य मुझे बताइए॥6॥   |   mahabharat अध्याय 3.233: द्रौपदीका सत्यभामाको सती स्त्रीके कर्तव्यकी शिक्षा देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 233: द्रौपदीका सत्यभामाको सती स्त्रीके कर्तव्यकी शिक्षा देना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.233.6 
तव वश्या हि सततं पाण्डवा: प्रियदर्शने।
मुखप्रेक्षाश्च ते सर्वे तत्त्वमेतद् ब्रवीहि मे॥ ६॥
 
 
अनुवाद
प्रियदर्शन! क्या कारण है कि पाण्डव सदैव आपके अधीन रहते हैं और सब आपकी ओर ही देखते रहते हैं? इसका वास्तविक रहस्य मुझे बताइए॥6॥
 
Priyadarshan! What is the reason that the Pandavas always remain under your control and all of them keep looking towards your face? Tell me the real secret behind this.॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)