Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.233.50-51: ‘जब महाराज युधिष्ठिर इन्द्रप्रस्थ में रहते थे और पृथ्वी पर राज्य करते थे, तब प्रत्येक यात्रा में एक लाख घोड़े और एक लाख हाथी उनके साथ रहते थे। मैं उनकी गणना करता था, उन्हें आवश्यक वस्तुएँ देता था और उनकी आवश्यकताएँ सुनता था॥ 50-51॥ | mahabharat अध्याय 3.233: द्रौपदीका सत्यभामाको सती स्त्रीके कर्तव्यकी शिक्षा देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘जब महाराज युधिष्ठिर इन्द्रप्रस्थ में रहते थे और पृथ्वी पर राज्य करते थे, तब प्रत्येक यात्रा में एक लाख घोड़े और एक लाख हाथी उनके साथ रहते थे। मैं उनकी गणना करता था, उन्हें आवश्यक वस्तुएँ देता था और उनकी आवश्यकताएँ सुनता था॥ 50-51॥
‘When Maharaja Yudhishthira lived in Indraprastha and ruled the earth, one lakh horses and one lakh elephants accompanied him on every journey. I used to count them, give them the essentials and listen to their needs.॥ 50-51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥