श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 233: द्रौपदीका सत्यभामाको सती स्त्रीके कर्तव्यकी शिक्षा देना  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  3.233.43 
अष्टाशीतिसहस्राणि स्नातका गृहमेधिन:।
त्रिंशद्दासीक एकैको यान् बिभर्ति युधिष्ठिर:॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
महाराज युधिष्ठिर के पास 88,000 अविवाहित गृहस्थ थे, जिनका पालन-पोषण वे करते थे। उनमें से प्रत्येक के पास 30 दासियाँ थीं॥43॥
 
‘Maharaja Yudhishthira had 88,000 bachelor householders whom he supported. Each of them had 30 maids to serve.॥ 43॥
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