श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 233: द्रौपदीका सत्यभामाको सती स्त्रीके कर्तव्यकी शिक्षा देना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.233.16 
जलोदरसमायुक्ता: श्वित्रिण: पलितास्तथा।
अपुमांस: कृता: स्त्रीभिर्जडान्धबधिरास्तथा॥ १६॥
 
 
अनुवाद
बहुत सी स्त्रियों ने अपने पतियों को (वश में करने की आशा से हानिकारक औषधियाँ खिलाकर) जलोदर और कोढ़ से पीड़ित, अकाल वृद्ध, नपुंसक, अन्धा, गूँगा और बहरा बना दिया है।॥16॥
 
‘Many women have made their husbands afflicted with dropsy and leprosy, prematurely aged, impotent, blind, dumb and deaf (by feeding them harmful drugs in the hope of controlling them).॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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