Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.231.90: उस स्थिति में भी भगवान रुद्र ने स्वयं युद्ध में महिषासुर को नहीं मारा, अपितु उन्होंने कुमार कार्तिकेय का स्मरण किया, जिनके हाथों वह दुष्ट राक्षस मरने वाला था ॥90॥   |   mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा  »  श्लोक 90
 
 
श्लोक  3.231.90 
तथाभूते तु भगवान्नावधीन्महिषं रणे।
सस्मार च तदा स्कन्दं मृत्युं तस्य दुरात्मन:॥ ९०॥
 
 
अनुवाद
उस स्थिति में भी भगवान रुद्र ने स्वयं युद्ध में महिषासुर को नहीं मारा, अपितु उन्होंने कुमार कार्तिकेय का स्मरण किया, जिनके हाथों वह दुष्ट राक्षस मरने वाला था ॥90॥
 
Even in that situation, Lord Rudra himself did not kill Mahishasura in the battle but he remembered Kumar Kartikeya at whose hands the evil demon was about to die. 90॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)