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mahabharat 3.231.9: भगवान रुद्र ने अग्नि और देवी उमा के गर्भ में प्रवेश करके समस्त लोकों के हित के लिए तुम्हारे समान अपराजित वीर को उत्पन्न किया है॥9॥   |   mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.231.9 
रुद्रेणाग्निं समाविश्य स्वाहामाविश्य चोमया।
हितार्थं सर्वलोकानां जातस्त्वमपराजित:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
भगवान रुद्र ने अग्नि और देवी उमा के गर्भ में प्रवेश करके समस्त लोकों के हित के लिए तुम्हारे समान अपराजित वीर को उत्पन्न किया है॥9॥
 
Lord Rudra, by entering the fire and the womb of Goddess Uma, has created an undefeated hero like you for the benefit of all the worlds. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)