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mahabharat 3.231.82-83h: हे राजन! बादलों से घिरे हुए सूर्य के समान पर्वत को उठाए हुए उस राक्षस को देखकर सभी देवता भाग गए।   |   mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा  »  श्लोक 82-83h
 
 
श्लोक  3.231.82-83h 
ते तं घनैरिवादित्यं दृष्ट्वा सम्परिवारितम्॥ ८२॥
तमुद्यतगिरिं राजन् व्यद्रवन्त दिवौकस:।
 
 
अनुवाद
हे राजन! बादलों से घिरे हुए सूर्य के समान पर्वत को उठाए हुए उस राक्षस को देखकर सभी देवता भाग गए।
 
O King! Seeing that demon carrying a mountain like the Sun surrounded by clouds, all the gods fled. 82 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)