Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.231.78-80h: इस प्रकार देवताओं और दानवों में बड़ा भयंकर युद्ध चल रहा था। वहाँ की भूमि रक्त और मांस से कीचड़मय हो गई थी। तभी अचानक पासा पलट गया। देवलोक की पराजय स्पष्ट दिखाई देने लगी। भयंकर दानव देवताओं का संहार करने लगे। 78-79 1/2। | mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवमन्योन्यसंयुक्तं युद्धमासीत् सुदारुणम्॥ ७८॥
देवानां दानवानां च मांसशोणितकर्दमम्।
अनयो देवलोकस्य सहसैवाभ्यदृश्यत॥ ७९॥
तथा हि दानवा घोरा विनिघ्नन्ति दिवौकस:।
अनुवाद
इस प्रकार देवताओं और दानवों में बड़ा भयंकर युद्ध चल रहा था। वहाँ की भूमि रक्त और मांस से कीचड़मय हो गई थी। तभी अचानक पासा पलट गया। देवलोक की पराजय स्पष्ट दिखाई देने लगी। भयंकर दानव देवताओं का संहार करने लगे। 78-79 1/2।
In this way, a very fierce battle was going on between the gods and demons. The ground there had become muddy due to blood and flesh. Then suddenly the tables turned. The defeat of Devlok became visible. The fierce demons started killing the gods. 78-79 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥