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mahabharat 3.231.76-77h: तत्पश्चात् उस युद्धमें सम्पूर्ण देवताओंने अपने नाना प्रकारके बाणोंके प्रहारसे राक्षस सेनाको भयभीत करके युद्धभूमिसे भगा दिया ॥76 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा  »  श्लोक 76-77h
 
 
श्लोक  3.231.76-77h 
ततस्तद् दानवं सैन्यं सर्वैर्देवगणैर्युधि॥ ७६॥
त्रासितं विविधैर्बाणै: कृतं चैव पराङ्मुखम्।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उस युद्धमें सम्पूर्ण देवताओंने अपने नाना प्रकारके बाणोंके प्रहारसे राक्षस सेनाको भयभीत करके युद्धभूमिसे भगा दिया ॥76 1/2॥
 
Thereafter, in that war, all the gods frightened the demon army with the blows of their various arrows and turned them away from the battlefield. 76 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)