Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.231.7: मार्कण्डेय कहते हैं - युधिष्ठिर! स्कन्द के ऐसा कहने पर स्वाहा अत्यंत प्रसन्न हुईं और उनका आदर किया। अपने स्वामी अग्निदेव का सान्निध्य पाकर उन्होंने भी स्कन्द की पूजा की। 7. | mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मार्कण्डेय कहते हैं - युधिष्ठिर! स्कन्द के ऐसा कहने पर स्वाहा अत्यंत प्रसन्न हुईं और उनका आदर किया। अपने स्वामी अग्निदेव का सान्निध्य पाकर उन्होंने भी स्कन्द की पूजा की। 7.
Markandeya says - Yudhishthira! Swaha was very pleased when Skanda said this and paid respect to her. After getting the company of her master Agnidev, she also worshipped Skanda. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥