Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.231.64-65h: शिलाओं, तोपों, भालों, तलवारों, परिघों और गदाओं के निरंतर प्रहार हो रहे थे। इन भयानक अस्त्र-शस्त्रों के प्रहार से देवताओं की सारी सेना क्षण भर में भाग खड़ी हुई। सभी सैनिक युद्ध से विमुख दिखाई देने लगे। | mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शिलाओं, तोपों, भालों, तलवारों, परिघों और गदाओं के निरंतर प्रहार हो रहे थे। इन भयानक अस्त्र-शस्त्रों के प्रहार से देवताओं की सारी सेना क्षण भर में भाग खड़ी हुई। सभी सैनिक युद्ध से विमुख दिखाई देने लगे।
There were continuous attacks of rocks, cannons, spears, swords, parighas and maces. Due to the attack of these terrible weapons, the entire army of the gods fled away in a moment. All the soldiers appeared to be averse to the battle. 64 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥