Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.231.61-62: जिस समय वे सभी मोह में लीन हो रहे थे, उसी समय पर्वतों और बादलों के समान विशाल और भयानक राक्षसों की सेना प्रकट हुई। वह नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित थी। उसके सैनिकों की संख्या अनगिनत थी। वह भयानक सेना भयंकर गर्जना करती और अनेक भाषाएँ बोलती हुई चल रही थी।   |   mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा  »  श्लोक 61-62
 
 
श्लोक  3.231.61-62 
ततस्तेषु प्रमूढेषु पर्वताम्बुदसंनिभम्॥ ६१॥
नानाप्रहरणं घोरमदृश्यत महद् बलम्।
तद् वै घोरमसंख्येयं गर्जच्च विविधा गिर:॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
जिस समय वे सभी मोह में लीन हो रहे थे, उसी समय पर्वतों और बादलों के समान विशाल और भयानक राक्षसों की सेना प्रकट हुई। वह नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित थी। उसके सैनिकों की संख्या अनगिनत थी। वह भयानक सेना भयंकर गर्जना करती और अनेक भाषाएँ बोलती हुई चल रही थी।
 
At the time when all of them were getting engrossed in delusion, a huge and terrifying army of demons appeared, like mountains and clouds. It was equipped with various types of weapons. The number of its soldiers could not be counted. That terrifying army was roaring terribly and speaking in many languages.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)