Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.231.60-61h: पृथ्वी काँपने लगी। गड़गड़ाहट होने लगी। सारा संसार अंधकार में डूबा हुआ प्रतीत होने लगा। इस भयंकर विनाश को देखकर भगवान शंकर, देवी उमा, देवता और महर्षि व्याकुल हो गए। | mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पृथ्वी काँपने लगी। गड़गड़ाहट होने लगी। सारा संसार अंधकार में डूबा हुआ प्रतीत होने लगा। इस भयंकर विनाश को देखकर भगवान शंकर, देवी उमा, देवता और महर्षि व्याकुल हो गए।
The earth started shaking. It started rumbling. The whole world seemed to be immersed in darkness. Seeing this terrible havoc, Lord Shankar, great Goddess Uma, the gods and the great sages became agitated.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥