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स्कन्द उवाच
सप्तमं मारुतस्कन्धं पालयिष्याम्यहं प्रभो।
यदन्यदपि मे कार्यं देव तद् वद माचिरम्॥ ५६॥
अनुवाद
स्कन्द बोले - प्रभु! मैं सातवें व्यूह मरुत्स्कन्ध की अवश्य रक्षा करूँगा। देवा! इसके अतिरिक्त मेरा जो भी अन्य कर्तव्य हो, उसके लिए मुझे आज्ञा दीजिए।
Skanda said - Lord! I will definitely protect the seventh Vyuha Marutskandha. Deva! Apart from this, please give me orders for whatever other duty I have.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥