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mahabharat 3.231.46: पिनाकधारी भगवान शिव को प्रणाम करके भगवान पर्जन्य भी उनके पीछे चले। चंद्रमा ने उनके सिर पर श्वेत छत्र धारण कर रखा था।   |   mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  3.231.46 
पर्जन्यश्चाप्यनुययौ नमस्कृत्य पिनाकिनम्।
छत्रं च पाण्डुरं सोमस्तस्य मूर्धन्यधारयत्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
पिनाकधारी भगवान शिव को प्रणाम करके भगवान पर्जन्य भी उनके पीछे चले। चंद्रमा ने उनके सिर पर श्वेत छत्र धारण कर रखा था।
 
After saluting Lord Shiva holding Pinaka, Lord Parjanya also followed him. The Moon had placed a white umbrella on his head.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)