vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा
»
श्लोक 39-40h
श्लोक
3.231.39-40h
पृष्ठतो विजयस्यापि याति रुद्रस्य पट्टिश:॥ ३९॥
गदामुसलशक्त्याद्यैर्वृत: प्रहरणोत्तमै:।
अनुवाद
विजय के पीछे भगवान रुद्र का पट्टिश नामक अस्त्र चल रहा था, जो गदा, मूसल और भाला आदि उत्तम आयुधों से घिरा हुआ था ॥39 1/2॥
Behind Vijay was going the weapon of Lord Rudra called Pattisha, which was surrounded by excellent weapons like mace, pestle and spear etc. ॥ 39 1/2॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd