Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.231.37-38h: यमराज के पीछे भगवान शंकर का विजय नामक भयंकर त्रिशूल चल रहा था, जो तीन शिखरों से सुशोभित तथा तीक्ष्ण था। वह त्रिशूल सिन्दूर आदि से सुशोभित था॥37 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यमराज के पीछे भगवान शंकर का विजय नामक भयंकर त्रिशूल चल रहा था, जो तीन शिखरों से सुशोभित तथा तीक्ष्ण था। वह त्रिशूल सिन्दूर आदि से सुशोभित था॥37 1/2॥
Lord Shankar's terrible trident named Vijay was going behind Yamraj, which was decorated with three peaks and was sharp. That trident was well decorated with vermillion etc. 37 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥