Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.231.28-29: मार्कण्डेय कहते हैं - राजन्! जब अग्निनन्दन भगवान स्कन्द का सेनापति पद पर अभिषेक हुआ, तब भगवान शिव पार्वती सहित प्रसन्नतापूर्वक सूर्य के समान तेजस्वी रथ पर सवार होकर भद्रवत की ओर चले। उस समय इन्द्र सहित सभी देवता उनके पीछे-पीछे चले। भगवान शिव के उस उत्तम रथ में एक हजार सिंह जुते हुए थे। | mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मार्कण्डेय कहते हैं - राजन्! जब अग्निनन्दन भगवान स्कन्द का सेनापति पद पर अभिषेक हुआ, तब भगवान शिव पार्वती सहित प्रसन्नतापूर्वक सूर्य के समान तेजस्वी रथ पर सवार होकर भद्रवत की ओर चले। उस समय इन्द्र सहित सभी देवता उनके पीछे-पीछे चले। भगवान शिव के उस उत्तम रथ में एक हजार सिंह जुते हुए थे।
Markandeya says - King! When Agninandan Bhagwan Skanda was anointed as the Commander in Chief, then the Lord Shiva along with Goddess Parvati happily rode on a chariot like the Sun and proceeded towards Bhadravat. At that time all the gods including Indra followed them. A thousand lions were harnessed in that excellent chariot of Lord Shiva. 28-29.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥