Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.231.27: इस प्रकार इन्द्रसहित सम्पूर्ण लोक श्वेत पर्वत पर बैठे हुए कुमार कार्तिकेय को बड़े हर्ष से देखने लगे। कोई भी उन्हें देखकर तृप्त नहीं हो रहा था॥ 27॥ | mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं सेन्द्रं जगत् सर्वं श्वेतपर्वतसंस्थितम्।
प्रहृष्टं प्रेक्षते स्कन्दं न च ग्लायति दर्शनात्॥ २७॥
अनुवाद
इस प्रकार इन्द्रसहित सम्पूर्ण लोक श्वेत पर्वत पर बैठे हुए कुमार कार्तिकेय को बड़े हर्ष से देखने लगे। कोई भी उन्हें देखकर तृप्त नहीं हो रहा था॥ 27॥
In this way the entire world including Indra started to see Kumar Kartikeya seated on the white mountain with great joy. No one could get enough of seeing him.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥