Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.231.21: राजन! उस समय उस स्वर्ण शिखर पर दैत्यों और देवताओं के समूह से घिरे हुए, अद्भुत शोभायमान एवं तेजस्वी कार्तिकेय पुत्र भगवान् अत्यन्त शोभा पा रहे थे। | mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! उस समय उस स्वर्ण शिखर पर दैत्यों और देवताओं के समूह से घिरे हुए, अद्भुत शोभायमान एवं तेजस्वी कार्तिकेय पुत्र भगवान् अत्यन्त शोभा पा रहे थे।
King! At that time, the wonderfully graceful and radiant son of Kartikeya was looking very splendid on that golden peak, surrounded by a group of demons and gods.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥