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mahabharat 3.231.19: विशाखा ने एक घंटा ले लिया और दूसरा स्कंद के पास रह गया। कार्तिकेय और विशाखा दोनों के ध्वज लाल रंग के हैं।॥19॥   |   mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.231.19 
एका तत्र विशाखस्य घण्टा स्कन्दस्य चापरा।
पताका कार्तिकेयस्य विशाखस्य च लोहिता॥ १९॥
 
 
अनुवाद
विशाखा ने एक घंटा ले लिया और दूसरा स्कंद के पास रह गया। कार्तिकेय और विशाखा दोनों के ध्वज लाल रंग के हैं।॥19॥
 
Visakha took one of the bells and the other was left with Skanda. The flags of both Kartikeya and Visakha are red in colour.॥19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)