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mahabharat 3.231.112: अग्निनन्दन स्कन्द ने समस्त राक्षसों का वध करके महर्षियों द्वारा पूजित होकर एक ही दिन में सम्पूर्ण त्रिलोकी को जीत लिया ॥112॥   |   mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा  »  श्लोक 112
 
 
श्लोक  3.231.112 
स हत्वा दानवगणान् पूज्यमानो महर्षिभि:।
एकाह्नैवाजयत् सर्वं त्रैलोक्यं वह्निनन्दन:॥ ११२॥
 
 
अनुवाद
अग्निनन्दन स्कन्द ने समस्त राक्षसों का वध करके महर्षियों द्वारा पूजित होकर एक ही दिन में सम्पूर्ण त्रिलोकी को जीत लिया ॥112॥
 
After killing all the demons, Agninandan Skanda was worshiped by the great sages and conquered the entire Triloki in a single day. 112॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)