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mahabharat 3.231.101: वे सब लोग बड़े हर्ष में भरकर राक्षसों को खाने और उनका रक्त पीने लगे और क्षण भर में ही उन्होंने सम्पूर्ण रणभूमि को राक्षसों से खाली कर दिया ॥101॥   |   mahabharat अध्याय 3.231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 231: स्कन्दद्वारा स्वाहादेवीका सत्कार, रुद्रदेवके साथ स्कन्द और देवताओंकी भद्रवट-यात्रा, देवासुर-संग्राम, महिषासुर-वध तथा स्कन्दकी प्रशंसा  »  श्लोक 101
 
 
श्लोक  3.231.101 
दानवान् भक्षयन्तस्ते प्रपिबन्तश्च शोणितम्।
क्षणान्निर्दानवं सर्वमकार्षुर्भृशहर्षिता:॥ १०१॥
 
 
अनुवाद
वे सब लोग बड़े हर्ष में भरकर राक्षसों को खाने और उनका रक्त पीने लगे और क्षण भर में ही उन्होंने सम्पूर्ण रणभूमि को राक्षसों से खाली कर दिया ॥101॥
 
All of them, filled with great joy, started eating the demons and drinking their blood and within a moment they emptied the entire battlefield of demons. ॥101॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)