Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.230.7: मार्कण्डेयजी कहते हैं- राजन! तत्पश्चात इन्द्र को कुछ कहने के लिए उत्सुक देखकर स्कन्द ने पूछा- ‘क्या बात है, मुझे बताइये।’ स्कन्द के ऐसा आदेश देने पर इन्द्र ने कहा- 7॥ | mahabharat अध्याय 3.230: कृत्तिकाओंको नक्षत्रमण्डलमें स्थानकी प्राप्ति तथा मनुष्योंको कष्ट देनेवाले विविध ग्रहोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मार्कण्डेयजी कहते हैं- राजन! तत्पश्चात इन्द्र को कुछ कहने के लिए उत्सुक देखकर स्कन्द ने पूछा- ‘क्या बात है, मुझे बताइये।’ स्कन्द के ऐसा आदेश देने पर इन्द्र ने कहा- 7॥
Markandeyaji says- Rajan! Thereafter, seeing Indra eager to say something, Skanda asked - 'What is the matter, tell me.' On Skanda giving this order, Indra said - 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥