Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.230.56: कुछ ग्रह क्रीड़ा और मनोरंजन की इच्छा रखते हैं, कुछ भोजन की इच्छा रखते हैं और कुछ कामसुख की इच्छा रखते हैं; इस प्रकार ग्रहों का स्वभाव तीन प्रकार का है ॥ 56॥ | mahabharat अध्याय 3.230: कृत्तिकाओंको नक्षत्रमण्डलमें स्थानकी प्राप्ति तथा मनुष्योंको कष्ट देनेवाले विविध ग्रहोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ ग्रह क्रीड़ा और मनोरंजन की इच्छा रखते हैं, कुछ भोजन की इच्छा रखते हैं और कुछ कामसुख की इच्छा रखते हैं; इस प्रकार ग्रहों का स्वभाव तीन प्रकार का है ॥ 56॥
Some planets desire sports and entertainment, some desire food and some desire sexual pleasure; thus the nature of the planets is of three types. ॥ 56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥