Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.230.5: प्रभु! आपकी कृपा से हमें शाश्वत स्वर्ग की प्राप्ति हो सकती है। इसके अतिरिक्त हम आपको अपना पुत्र भी रखना चाहते हैं। ये सभी कार्य पूर्ण करके आप हमारा ऋण चुका सकते हैं।॥5॥ | mahabharat अध्याय 3.230: कृत्तिकाओंको नक्षत्रमण्डलमें स्थानकी प्राप्ति तथा मनुष्योंको कष्ट देनेवाले विविध ग्रहोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रभु! आपकी कृपा से हमें शाश्वत स्वर्ग की प्राप्ति हो सकती है। इसके अतिरिक्त हम आपको अपना पुत्र भी रखना चाहते हैं। ये सभी कार्य पूर्ण करके आप हमारा ऋण चुका सकते हैं।॥5॥
‘Prabhu! By your grace we can attain eternal heaven. Apart from this we also want to keep you as our son. By completing all these tasks you can repay us.'॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥