एवमभ्यर्चिता: सर्वे प्रयच्छन्ति शुभं नृणाम्।
आयुर्वीर्यं च राजेन्द्र सम्यक्पूजानमस्कृता:॥ ४५॥
अनुवाद
राजेन्द्र! इस प्रकार से पूजन और विधिपूर्वक सम्मान करने पर सभी ग्रह मनुष्यों को सौभाग्य प्रदान करते हैं, उन्हें दीर्घायु और बल प्रदान करते हैं ॥ 45॥
Rajendra! When worshipped in this manner and honored in the prescribed manner, all the planets bring good fortune to human beings and grant them long life and strength. ॥ 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥