श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 230: कृत्तिकाओंको नक्षत्रमण्डलमें स्थानकी प्राप्ति तथा मनुष्योंको कष्ट देनेवाले विविध ग्रहोंका वर्णन  »  श्लोक 40-41h
 
 
श्लोक  3.230.40-41h 
लोहितस्योदधे: कन्या धात्री स्कन्दस्य सा स्मृता॥ ४०॥
लोहितायनिरित्येवं कदम्बे सा हि पूज्यते।
 
 
अनुवाद
लालसागर की पुत्री का नाम लोहितायनी है, जो स्कंद की धाय कही जाती है। कदंब वृक्षों में उसकी पूजा होती है।
 
The name of Lalsagar's daughter is Lohitayani, who is said to be Skanda's nurse. She is worshipped in Kadamba trees. 40 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)