श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 230: कृत्तिकाओंको नक्षत्रमण्डलमें स्थानकी प्राप्ति तथा मनुष्योंको कष्ट देनेवाले विविध ग्रहोंका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.230.4 
अस्माभि: किल जातस्त्वमिति केनाप्युदाहृतम्।
तत् सत्यमेतत् संश्रुत्य तस्मान्नस्त्रातुमर्हसि॥ ४॥
 
 
अनुवाद
किसी ने उनसे कहा है कि आप हमारे गर्भ से उत्पन्न हुए हैं, (परन्तु ऐसी बात नहीं है।) अतः आप हमारी सच्ची बात सुनकर हमें इस संकट से बचाइए।॥4॥
 
Someone has told them that you were born from our womb, (but this is not the case.) So, listen to our true statement and save us from this danger. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)