Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.230.38-39h: वह जो गन्धर्वों की माता है, गर्भवती स्त्री का गर्भ हर लेती है और इस प्रकार मनुष्य स्त्री का गर्भ लुप्त हो गया हुआ दिखाई देता है ॥38 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.230: कृत्तिकाओंको नक्षत्रमण्डलमें स्थानकी प्राप्ति तथा मनुष्योंको कष्ट देनेवाले विविध ग्रहोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गन्धर्वाणां तु या माता सा गर्भं गृह्य गच्छति॥ ३८॥
ततो विलीनगर्भा सा मानुषी भुवि दृश्यते।
अनुवाद
वह जो गन्धर्वों की माता है, गर्भवती स्त्री का गर्भ हर लेती है और इस प्रकार मनुष्य स्त्री का गर्भ लुप्त हो गया हुआ दिखाई देता है ॥38 1/2॥
She who is the mother of the Gandharvas takes away the womb of the pregnant woman and thus the womb of the human woman is seen to have vanished. ॥ 38 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥