श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 230: कृत्तिकाओंको नक्षत्रमण्डलमें स्थानकी प्राप्ति तथा मनुष्योंको कष्ट देनेवाले विविध ग्रहोंका वर्णन  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  3.230.32 
तासामेव तु पत्नीनां पतयस्ते प्रकीर्तिता:।
आजायमानान् गृह्णन्ति बालकान् रौद्रकर्मिण:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
वे कुमार उन कुमारियों के पति कहे गए हैं जो पत्नी के समान हैं। उनके कर्म बड़े भयंकर हैं। वे बच्चों को जन्म से पहले ही हर लेते हैं॥ 32॥
 
Those Kumaras are said to be the husbands of those Kumaris who are like wives. Their deeds are very dreadful. They take away children even before they are born.॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)